अमेरिकी शुल्क (टैरिफ) में बढ़ोतरी का प्रभाव—विशेषकर कृषि उत्पादों पर—काफी गंभीर होने की आशंका है, क्योंकि वित्त वर्ष 2025 में अमेरिका भारतीय कृषि उत्पादों का सबसे बड़ा आयातक रहा है (5.62 अरब अमेरिकी डॉलर), जो भारत के कुल निर्यात का 10.98 प्रतिशत है। जहाँ समुद्री खाद्य (मुख्यतः जमे हुए झींगे) शीर्ष निर्यात वस्तु रहे हैं, वहीं मसाले और आवश्यक तेल, बासमती चावल, प्रसंस्कृत फल और सब्जियाँ तथा बेक्ड खाद्य पदार्थ भी इसमें शामिल हैं। ये सभी सीधे तौर पर भारतीय किसानों की आजीविका से जुड़े हुए हैं।
