जब बांग्लादेश के खिलाफ क्रिकेट को हथियार बनाया जाता है और भारत की अपनी आंतरिक चुनौतियों को नज़रअंदाज़ किया जाता है, तो संदेश स्पष्ट है: नैतिक निर्णय को सिद्धांत नहीं, बल्कि शक्ति दिशा दे रही है। यह ‘नेबरहुड फ़र्स्ट’ की मूल भावना को कमजोर करता है, जो भरोसे और निष्पक्षता पर टिकी है। समय के साथ ऐसी प्रथाएँ विश्वास को क्षीण करती हैं, असमानता को…
