महाभारत की सबसे गहरी चेतावनी स्पष्ट और चौंकाने वाली है: राष्ट्र केवल बाहरी शत्रुओं से नहीं गिरते। वे आंतरिक क्षय से गिरते हैं। हस्तिनापुर किसी विदेशी आक्रमण से नहीं ढहा। उसका विनाश था—संचित रोष, सड़ती शिकायतें, अनियंत्रित महत्वाकांक्षा, आहत अहंकार और अपनी ही कमजोरियों को नज़रअंदाज़ करने की सामूहिक विफलता—इन सबका अपरिहार्य परिणाम। द्वार भीतर से…
