तिब्बती बौद्ध धर्म में पुनर्जन्म एक गहन आध्यात्मिक प्रक्रिया है, जो दिवंगत गुरु की प्रबुद्ध इच्छा और दर्शन, भविष्यवाणियों, स्वप्नों व स्पष्ट संकेतों के माध्यम से पहचानी जाती है — न कि पर्ची निकालने की किसी प्रक्रिया से। ऐतिहासिक अभिलेख बिल्कुल स्पष्ट हैं: तिब्बत ने सदैव ‘गोल्डन अर्न’ (स्वर्ण कलश) को एक बाहरी राजनीतिक थोपाव के रूप में देखा और…
